90 crore internet users by 2024, digital rights will rain money in IPL auction


नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) मीडिया राइट्स की ई-नीलामी शुरू होने जा रही है. वर्तमान में नेशनल फुटबॉल लीग (एनएफएल), इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) और मेजर लीग बेसबॉल के बाद इंडियन प्रीमियर लीग चौथे नंबर पर है.


भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) को उम्मीद है कि नीलामी के बाद आईपीएल दूसरे नंबर पर पहुंच जाएगा. ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी अमेजॉन मीडिया राइट्स (2023-2027) रेस से हट चुकी है. वहीं, स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर्स डिज्नी हॉटस्टार, सोनी, वायकॉम18 जैसी बड़ी कंपनियां नीलामी में हिस्सा लेंगी. पिछली बार स्टार इंडिया ने 2018 से 2022 के लिए आईपीएल इंडिया ब्रॉडकास्ट के मीडिया राइट्स जीते थे. स्टार इंडिया ने ग्लोबल बिड में 16,347 करोड़ की सबसे ऊंची बोली लगाई थी. बीसीसीआई ने इस बार नीलामी के लिए आधार मूल्य 32,890 करोड़ रुपये निर्धारित किया है.


बीसीसीआई को हर मैच के लिए 12 मिलियन डॉलर मिलने की उम्मीद


बीसीसीआई सचिव जय शाह ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा है कि अगर मीडिया राइट्स आधार मूल्य पर जाते हैं तो भी आईपीएल की ब्रांड वैल्यू में काफी इजाफा होगा. जय शाह ने आगे बताया, “वर्तमान में एनएफएल में एक मैच के लिए ब्रॉडकास्टर को 17 मिलियन डॉलर भुगतान करना पड़ता है. यह किसी भी स्पोर्ट्स लीग के लिए सबसे अधिक है. इसके बाद इंग्लिश प्रीमियर लीग में 11 मिलियन डॉलर है और मेजर लीग बेसबॉल का आंकड़ा भी लगभग समान है. पिछले पांच साल के चक्र में, हमें एक आईपीएल मैच से 9 मिलियन डॉलर मिले हैं. इस बार, हमने जो न्यूनतम आधार मूल्य निर्धारित किया है, उसे देखते हुए, बीसीसीआई को प्रति आईपीएल मैच के लिए 12 मिलियन डॉलर का भुगतान किया जाएगा. विश्व मंच पर भारतीय क्रिकेट के लिए यह एक बड़ी छलांग है. हम एनएफएल के ठीक पीछे होंगे.”


IPL मीडिया राइट्स के लिए 10 कंपनियां दौड़ में


आईपीएल मीडिया राइट्स के लिए अभी तक 10 कंपनियां (टीवी और स्ट्रीमिंग) दौड़ में हैं. इस बार मीडिया अधिकारों के लिए 4 विशेष पैकेज हैं, जिसमें प्रत्येक सत्र के 74 मैचों के लिए 2 दिन तक ई-नीलामी की जाएगी. 2026-27 में मैचों की संख्या को बढ़ाकर 94 करने का भी प्रावधान है. कोरोना महामारी के कहर के बीच भी बीसीसीआई ने दो नई टीमों की ब्रिकी की थी. इस ब्रिकी से बीसीसीआई ने 1.7 अरब डॉलर की कमाई की थी. लखनऊ फ्रैंचाइजी के लिए आधार मूल्य से 250 गुणा ज्यादा बोली लगी.


बीसीसीआई को नीलामी से तीन-चार ब्रॉडकास्टर मिलने की उम्मीद


जय शाह के अनुसार, बीसीसीआई ने “बेहतर कीमत की खोज” और पारदर्शी प्रक्रिया के लिए ई-नीलामी का विकल्प चुना. ई-नीलामी में चार तरह के पैकेज हैं. पैकेज ए में भारतीय उपमहाद्वीप एक्सक्लूसिव टीवी (प्रसारण) अधिकार हैं, जबकि पैकेज बी में भारतीय उपमहाद्वीप के लिए डिजिटल अधिकार शामिल है. पैकेज सी प्रत्येक सीजन में 18 चुनिंदा मैचों के डिजिटल अधिकारों के लिए है, जबकि पैकेज डी (सभी मैचों) विदेशी बाजार के लिए टीवी और डिजिटल के लिये संयुक्त अधिकार का होगा. शाह कहते हैं, “बीसीसीआई ने पैकेज सी की शुरुआत की है ताकि कई प्लेयर्स नीलामी का हिस्सा बनें. हमें खेल का विस्तार करने की जरूरत है और इससे मदद मिलेगी.” एनएफएल के उदाहरण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “उनके सात ब्रॉडकास्टिंग पार्टनर हैं, हम सिर्फ तीन या चार को देख रहे हैं.”


डिजिटल अधिकार राशि टेलीविजन बोली से भी आगे निकल सकती है


वायकॉम18 जेवी (ज्यांइट वेंचर), वाल्ट डिज्नी (स्टार), जी और सोनी पैकेज के लिए 4 दावेदार हैं, जिनकी टीवी और डिजिटल बाजार पर मजबूत पकड़ है. कुछ अन्य दावेदार, मुख्यत: डिजिटल अधिकारों के लिए टाइम्स इंटरनेट, फनएशिया, ड्रीम11, फैनकोड हैं, जबकि स्काई स्पोर्ट्स (ब्रिटेन) और सुपरस्पोर्ट (दक्षिण अफ्रीका) विदेशी टीवी और डिजिटल अधिकारों की कोशिश में जुटे होंगे. इस बार डिजिटल अधिकार राशि टेलीविजन बोली से भी आगे निकल सकती है. जय शाह कहते हैं, “2024 तक, भारत में 90 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता होंगे. यही कारण है कि क्रिकेट के विकास के लिए डिजिटल अधिकार बहुत महत्वपूर्ण हो जाते हैं.”


चूंकि आईपीएल एक साल तक चलने वाला मामला नहीं है, इसलिए लीग का कुल प्रसारण अनुबंध मूल्य अन्य प्रमुख खेल लीगों की तुलना में बहुत कम है. 43 अरब डॉलर के साथ एनएफएल और 23 अरब डॉलर के साथ एनबीए बहुत आगे है. इस पर शाह का कहना है, “बीसीसीआई आईसीसी एफ़टीपी (फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम) के लिए प्रतिबद्ध हैं. भारतीय क्रिकेट टीम हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है. दूसरे देशों में जाकर खेलने से अन्य क्रिकेट राष्ट्र राजस्व अर्जित करते हैं. खेल को दुनिया भर में बढ़ने देना हमारी जिम्मेदारी है.”